Wednesday, April 20, 2011

hum unki jarurat hua karte the

kal tak hum aapki jaan hua karte the,pata nahi kitni bar ijhar-e-mohabat kiya karte the,
aaj kalpata nahi kya hua unhe ki baat chit kuchha kam kiya karte hai,
gaur se socha to pata chala,
ki pahle hum unki jarurat hua karte the.
 

ek lamhe me unhone hamari jindagi sawar di

ek lamhe me unhone hamari jindagi sawar di,
ek lamhe me unhone hamari jindagi ujad di,
kasoor unka nahi hamara hai,
jo un do lamho me humne hamari jindagi gujar di.

aadat si ho gayi chot khane ki

dil ko aadat si ho gayi chot khane ki,bhigi hui palko ke saath muskurane ki,
kas anjaam-e-wafa pahle se jaan jaate,
tooh.............
kosis bhi nahi karte dil lagane ki.

Monday, April 18, 2011

उस खुदा ने भी जशन मनाया होंगा

उस  खुदा  ने  भी  जशन  मनाया  होंगा ,

जिस  दिन  आपको  अपने  हाथों  से  बनाया  होंगा ,

उसने  भी  बहाए  होंगे  आसू ,

जिस  दिन  आपको  यहाँ  भेज  खुद  को   अकेला  पाया  होंगा 

क्या रिश्ता है उनका मेरा

क्यों  उनकी  ख़ामोशी  मुझे  खामोश  कर  जाती  है ,
क्यों   उनकी  उदासी  मुझे  उदास  कर  जाती  है ,
क्या  रिश्ता  है  उनका  मेरा ,
जो  मुझे  उनकी  याद  हर   पल  आ  जाती  है ?

इससे ज्यादा उनका इंतज़ार क्या करते

ज़ख्म  इतने  गहरे  थे  की  इज़हार  क्या  करते ,
हम  खुद  निष्णा  बन  गए  वार  क्या  करते ,
मर   गए  हम  खुली  रही  आँखे ,
और  इससे   ज्यादा  उनका  इंतज़ार  क्या  करते 


जिसे चाहते है उसकी कमी है

कुछ  बिखरे  सपने  और  आखो में  नमी  है  ..
एक  छोटा  सा  आसमा   और  उमीदूं  की  ज़मीन  है ..
इउ तो  बहुत  कुछ  है  ज़िन्दगी  में  ..
जिसे  चाहते  है  उसकी  कमी  है ...

कितनी अँधेरी है मेरी दुनिया

कितनी  अँधेरी  है  मेरी  दुनिया ,
जाने  उसने  मेरी   किस्मत  किस  रात  में  लिखी  होगी ....
हाथ की  सारी रेखाएँ टेढ़ी  है ....
शायद  उसने  मेरी  किस्मत  उलटे  हाथ  से  लिखी  होगी ...

दर्द क्या है ये हम से पूछो

दर्द  क्या  है  ये  हम  से  पूछो ,
के  यारो  हम  दिल  के  मारे  है ,
प्यार  किया  था  हमने  फूल  जानकर ,
उन्होंने  तो  पत्थर  मारे  है |

कोई अच्छी सी सजा दो मुजको

कोई  अच्छी  सी  सजा  दो  मुजको ,
चलो  ऐसा  करो  भुला  दो  मुजको ,
तुमसे  बीछ्डू तो  मौत  आ  जाए ,
दिल  की  गेहरइयो  से  दुवा  दो  मुजको .



शमा जलती है परवाने चले आते है

शमा  जलती  है  परवाने  चले  आते  है ,
सर  के  बल  इश्क  के  दीवाने  चले  आते  है ,
अब  तो  आ  जाओ  मेरी  जान ,के  जनाजा  उठाने  को  है ,
लोग  तो  गैरो को  भी  दफनाने  चले  आते  है .



खुद की महोब्बत फनाह कौन करेगा

खुद  की  महोब्बत  फनाह  कौन  करेगा ,
सभी  नेक  बन  गए  तो  गुनाह  कौन  करेगा ,
ऍ खुदा  सनम  बेवफा  को  बचाए  रखना 
वरना  हमारी  मौत  की  दुवा  कौन  करेगा ?




तेज धड़कन को सुन के भी

तेज  धड़कन  को  सुन  के  भी  
तुम्हे  प्यार  की  खबर  नहीं  होती ,
क्या  महसूस  करोगी  तुम  दिल  का  दर्द ,
दिल  के  टूटने  की  तो  आवाज  भी  नहीं  होती .