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Saturday, April 18, 2015

मैं दिल हूँ मेरी धड़कन तुम हो

मैं  फूल  हूँ  मेरी  खुशबु  तुम  हो ,
मैं  दिल  हूँ  मेरी  धड़कन  तुम  हो …!!

मैं  जान  हूँ  मेरी रूह  तुम  हो ,
मैं  जिस्म  हूँ  मेरी  ज़िन्दगी  तुम  हो …!!

मैं  अक्स  हूँ  मेरी  हक़ीक़त  तुम  हो,
मैं  साया  हूँ  मेरी  सूरत  तुम  हो …!!!

मैं  लब हूँ  मेरी बात  तुम  हो ,
मैं  तब  हु  मुकमल  जब   मेरे साथ  तुम  हो ..!!

क्युकी तुम  ही हो  अब  तुम  ही  हो  ज़िन्दगी  अब  तुम  ही  हो .

आजा मेरी बहो में सनम तुझे बेपनाह प्यार दू

तेरी  ज़ुल्फो  की   छॉव में  मैं  ज़िन्दगी  गुज़ार दू ,
आजा  मेरी  बहो  में  सनम  तुझे  बेपनाह  प्यार  दू ..!!

दुनिया  की  धुप  तुझको  छू  भी  ना पायेगी ,
इस  कदर  से  तुझपे  दो  जहाँ  मैं  वॉर  दू …!!

मैं  गरीब  हु  दौलत  नहीं  इन  सिक्को  की  मेरे  पास
मगर  खज़ाने  अपने  प्यार  की तुझे  बेशुमार  दू ..!!

तेरे  रूप  में  मैं  जाऊ  अपनी  ज़िन्दगी  लूटा  सनम …
मेरा  बस  चले  तो  तुझपे  एक  बार  नही  हज़ार  बार  अपनी  ज़िंदगी  वार  दू ..!!

जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल ग

मुझको  फिर  वही  सुहाना  नज़ारा  मिल  गया ,
नज़रों  को  जो  दीदार  तुम्हारा  मिल  गया ,
और  किसी  चीज़  की  तमन्ना  क्यों  करू ,
जब  मुझे  तेरी  बाहों  में  सहारा  मिल  गया .

Friday, January 2, 2015

तुम  से  दूर  रहूँ  मगर  कैसे ,
हाल -ए-दिल  भी  कहूँ  मगर  कैसे ,

बहुत  समझाया  इस  पागल  दिल  को  यह  सनम ,
दिल को  मज़बूर  करून  मगर  कैसे ,

कुछ  तो  कहती  है  आँखों  से  वह  भी ,
वह  बात  कागज़  पर  लिखूं  मगर  कैसे ,

वक़्त  की  लहरों  से  मैं  वाकिफ  तो  हूँ ,
वक़्त  के  सफर  को समझूँ  मगर  कैसे ,

हर  ग़म  उठा  लेंगे  साथ  जो  तुम  कहो ,
तुम  बिन  खुद  को  सोचूं  मगर  कैसे ,

तुम  से  दूर  रहूँ  मगर  कैसे ,
हाल -ए-दिल  भी  कहूँ  मगर  कैसे

वास्ता है तुझे मुझ से किये प्यार का

मतलब  क्या हुआ  बेरुखी  का ,
है  कौन  मुज़रिम  तेरी  इस  ख़ुशी  का ,

उम्मीद  थी  जिस  से  प्यार  की  हे  खुदा ,
बुझ  गया  वह  चिराग  कभी  का ,

जब  कभी  भी  गुज़रूँगा  तेरी  गलियों  से ,
सब पूछेंगे  वजह मेरी  ख़ामोशी  का ,

न  जाने  कब  रिश्ता  बदल  जाए  प्यार  का ,
अब  भरोसा  नहीं  रहा  मुझे  किसी  मुरीद  का ,

तेरे  वादों  का  जूनून  पास  रहे  मेरे ,
वास्ता  है  तुझे  मुझ  से  किये  प्यार  का

Thursday, January 1, 2015

(बेवफाई सायरी )मशालों की तरह दिल जल रहे हैं

गिलाश  पर  गिलाश  बहुत  टूट  रहे  हैं ,
खुसी  के  प्याले  ग़मों  से  भर  रहे  हैं ,
मशालों  की  तरह  दिल  जल  रहे  हैं ,
जैसे  ज़िन्दगी  में  बदकिस्मती  मिल  रहे  हैं